भारत में केसे हुई इस्लाम की शुरुआत जानिए
दोस्तों आज हम आपको बताएंगे कि भारत में इस्लाम कैसे आया। सबसे पहले इस्लाम किसने कबूल किया। जब हुजूर सल्लाह वल उरहम ने अपनी अंगुली से चांद के दो टुकड़े किए थे।
उस रात केरल का राजा अपनी छत पर आराम फरमा रहा था। उसने अपनी खुद की आंखों से देखा था कि चांद के दो टुकड़े हो गए और वापस जूड़ गया था ।
अगली सुबह जब उसने लोगों को बताया कि मैंने चांद के दो टुकड़े होते हुए देखा है। तो लोगों ने कहा कि हमने भी चांद के दो टुकड़े होते हुए देखा है। और कई लोगों ने इनकार भी किया कि ऐसा नहीं हुआ था। दोस्तों इस दौर में अरब से सौदागर सामान लेने और बेचने आया करते थे।
उस रात केरल का राजा अपनी छत पर आराम फरमा रहा था। उसने अपनी खुद की आंखों से देखा था कि चांद के दो टुकड़े हो गए और वापस जूड़ गया था ।
अगली सुबह जब उसने लोगों को बताया कि मैंने चांद के दो टुकड़े होते हुए देखा है। तो लोगों ने कहा कि हमने भी चांद के दो टुकड़े होते हुए देखा है। और कई लोगों ने इनकार भी किया कि ऐसा नहीं हुआ था। दोस्तों इस दौर में अरब से सौदागर सामान लेने और बेचने आया करते थे।
कुछ दिनों बाद भी सौदागर आए तब राजा ने कहा कि मैंने ऐसा देखा कि चांद के दो टुकड़े हो गए और वापस जुड़ गया। राजा की बात सुनकर सौदागरों ने बताया कि राजा जो आपने देखा था वह एकदम सही था। अरब में रसूल सल्लः वल उरह्म ने अल्लाह के रसूल होने का दावा किया है। और आखरी नबी होने का दावा किया है।
यह उन्हीं का चमत्कार था कि उन्होंने अंगुली से इशारा किया और चांद के दो टुकड़े हो गए। राजा थोड़ा सा परेशान हो गया और उसने अपने वजीर से कहा कि तुम अरबी सौदागरओं के साथ अरब में जाओ। वजीर ने कहा कि राजा हम जाएंगे लेकिन हम उन्हें क्या कहेंगे हमारी भाषा वह समझ नहीं पाएंगे। राजा ने वजीर जिसका नाम रामा वर्मा कुल को एक पान ओर कत्था दिया और कहा कि तुम जाओ और उनसे कहो कि मेरे राजा ने इस पान ओर कत्था का इस्तेमाल पूछा है।
राजा ने वजीर से कहा कि तुम डरो मत अगर वह अल्लाह के रसूल होंगे तो वह तुम्हारी भाषा समझ लेंगे। वजीर उन सौदागर ओं के साथ अरब देश में गया। और अल्लाह के आखिरी नबी के पास पहुंच गया। उस वजीर को देखते ही नबी ने हिंदी में फरमाया कि है वजीर सब कुशल मंगल तो है , अपने राजा से कह देना कि में ही अल्लाह का रसूल हूं। यह सुनकर वह वजीर आखरी नबी रसूल सल: वल उरहाम के चरणों में गिर पड़ा। और इस्लाम कबूल कर लिया। वजीर वापिस हिंदुस्तान आया और उसने राजा और सभी लोगों को यह दास्तान सुनाई। तो दोस्तों यह थी भारत में सबसे पहले मुस्लिम धर्म के आने की कहानी। सबसे पहले मुस्लिम ब्रह्म रामा वर्मा कुलशेकर ने इस्लाम धर्म कबूल किया था और उसके बाद उस राजा और बाकी सब प्रजा ने।



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