एक एसा मन्दिर जहाँ आपकी आँखो के सामने देवी शराब ग्रहण करती हे।
भंवाल माता का आलेख :- the Divene Tales भंवाल माता का मन्दिर एक आस्था का केन्द्र है ढ़ाई प्याले मदिरा पिने वाली महाकाली भंवाल माता मंदिर जहाँ होती हर मनोकामना पूरी जसनगर से मात्र तीन किलोमीटर दूरी पर मां भंवाल का मन्दिर है. भंवाल माता का मन्दिर एक आस्था केन्द्र बना हुआ । इस मन्दिर में धौक लगाने के लिए दूर-दराज से भक्तजनों आना जाना 24 घंटे ही दर्शन का लाभ लेने पहुंचते है । तथा साल में दो बार मां भंवाल माता का विशाल मेले लगते । जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजरी लगाई जाती है । राजस्थान के नागौर जिले में मेड़ता सिटी से लगभग 20-22 K.m. दक्षिण में स्तिथ एक गांव हे भंवाल । यहाँ पर विक्रम संवत् की 21वीं शताब्दी के लगभग निर्मित महाकाली का एक प्राचीन मंदिर हे। यहाँ स्तिथ शिलालेख से पता चलता हे की विक्रम संवत् 1380 की माघ बदी एकदशी को इस मंदिर का निर्माण हुवा था। महाकाली भवाल माता के नाम पर ही इस कस्बे का पड़ा। लोगो की परंपरा के अनुसार मदिरा का भोग चढ़ाया जाता हे। जिस भक्त की मन्नत पूरी होती हे माता उसी का भोग ग्रहण करती हे ऐसी मान्यता हे। माता इतनी चमत्कारी है क...